डिस्प्ले अपने ग्राहकों के हिसाब से सोचें

हाल में ग्राहकों ने कौन-सी शेप और साइज़ के सनग्लासेस माँगे, पहले देखें। नियमित बिकने वाले मॉडल और आज़माने वाले नए स्टाइल की अलग लिस्ट बनाएँ। सिर्फ नई कलेक्शन माँगने के बजाय होलसेल पूछताछ में डिस्प्ले की ज़रूरत और मात्रा बताएँ। इससे टीम उपलब्ध रेंज में काम के विकल्प सुझा सकती है।

लुक और लेंस की स्पेसिफिकेशन अलग रखें

एक लाइन में फ्रेम का रेफरेंस, रंग और साइज़ लिखें, फिर लेंस की जानकारी अलग दर्ज करें। पूछें कि उसी मॉडल के किन वैरिएंट में ज़रूरी फीचर मिलता है। गहरा लेंस या अच्छी फोटो किसी UV या पोलराइज़ेशन स्पेसिफिकेशन का प्रमाण नहीं है। दूसरे आइटम का दावा इस मॉडल पर लागू करने के बजाय उसकी अपनी जानकारी माँगें।

टोटल से पहले असॉर्टमेंट मिलाएँ

दो कोटेशन में पैक मिक्स अलग हो सकता है। पीस, तय रंग या अलग चयन, साथ मिलने वाला केस और पैकिंग कन्फर्म करें। कोई वैरिएंट नहीं है तो पेमेंट से पहले बदला हुआ चयन और कोटेशन लें। हर मॉडल तथा रंग के आगे उसकी मात्रा लिखकर रखें।

हैंडओवर और दोबारा खरीद का रिकॉर्ड बनाएँ

केस में मोड़े हुए सनग्लासेस की फिटिंग जाँचें और केयर निर्देश पूछें। MRP टैगिंग की ज़रूरत बताएँ। कन्फर्म ऑर्डर, प्रोडक्ट रेफरेंस और डिलीवरी की डिटेल एक जगह सेव करें ताकि माल आने की जाँच और दोबारा खरीद आसान हो। ऑर्डर पेज पर वेरिफिकेशन, पेमेंट और डिस्पैच का तरीका पढ़ें।